त्रिपुरा सरकार द्वारा जारी हुई त्रिपुरा साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी 2025

त्रिपुरा सरकार द्वारा जारी हुई त्रिपुरा साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी 2025

त्रिपुरा सरकार द्वारा जारी हुई त्रिपुरा साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी 2025: त्रिपुरा सरकार द्वारा पहली साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी, 2025 पेश किया जा चुका है।

त्रिपुरा सरकार द्वारा जारी हुई त्रिपुरा साइबर साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी 2025
त्रिपुरा सरकार द्वारा जारी हुई त्रिपुरा साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी 2025

इस फ्रेमवर्क का लक्ष्य राज्य के IT और ICT सिस्टम की सुरक्षा करते हुए साइबर डोमेन में इंस्टीट्यूशनल प्रोसीजर, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और कैपेसिटी-बिल्डिंग को मजबूत करने का है।

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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (MeitY) के सेक्रेटरी एस. कृष्णन द्वारा अगरतला के प्रज्ञा भवन में इस पॉलिसी को पेश किया गया।

इसका मकसद तेजी से खराब होते साइबर माहौल के अंतर्गत सरकारी डेटा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सेवाओं की सुरक्षा करना है।

हालांकि इसमें लोकल इम्प्लीमेंटेशन पर जोर दिया गया है, त्रिपुरा की स्ट्रैटेजी भारत के बड़े नेशनल साइबर सिक्योरिटी विजन के अनुसार डिज़ाइन किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, ये राज्य की एजेंसियों, पब्लिक सेक्टर के बिजनेस और प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन को साइबर आपदाओं को रोकने, पहचानने और उनसे निपटने हेतु प्रैक्टिकल निर्देश देती है।

नेशनल साइबर सिक्योरिटी एक्सरसाइज के हिस्से के तौर पर पॉलिसी लॉन्च के साथ “साइबर भारत सेतु: ब्रिजिंग स्टेट्स, सिक्योरिंग भारत” नामक एक वर्कशॉप हुई।

MeitY के डायरेक्शन में, इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य इंसिडेंट रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल को मजबूत करना, पूरे भारत के अंतर्गत साइबर रेजिलिएंस बढ़ाना और राज्य सरकारों के बीच कोलेबोरेशन को बेहतर बनाना है।

इस प्रोग्राम के अंतर्गत एक्सपर्ट के सेमिनार, सिमुलेटेड ड्रिल और सिनेरियो-बेस्ड एक्सरसाइज के ज़रिए ये टेस्ट किया गया कि इंस्टीट्यूशन मुश्किल साइबर अटैक पर कितनी तेज़ी और अच्छे से रिएक्ट कर सकते हैं।

त्रिपुरा की ये पहल नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में इस बढ़ती समझ को दर्शाती है कि पब्लिक का भरोसा, इकोनॉमिक प्रोग्रेस और गवर्नेंस सबकुछ डिजिटल सिक्योरिटी पर निर्भर करते हैं।

जैसे-जैसे पूरे भारत में रैंसमवेयर अटैक, डेटा लीक और ऑनलाइन फ्रॉड बढ़ रहे हैं, त्रिपुरा जैसी सरकारें तैयारी और इंटरएजेंसी कोलेबोरेशन हेतु खुद को रोल मॉडल के तौर पर स्थापित कर रही हैं।

अधिकारियों द्वारा जिन संभावित कदमों का ज़िक्र किया गया, उनमें एक स्टेट-लेवल कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-त्रिपुरा), डिजिटल लिटरेसी इनिशिएटिव और हायर एजुकेशन के अंतर्गत साइबर सिक्योरिटी कोर्स शामिल हैं।





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