AI की मदद से Apple M5 चिप की सुरक्षा में सेंध? साइबर सुरक्षा जगत में बढ़ी चिंता
Apple लंबे समय से अपने मजबूत सुरक्षा सिस्टम के लिए जाना जाता है। लेकिन अब एक नई रिपोर्ट ने टेक इंडस्ट्री का ध्यान खींचा है। एक साइबर सुरक्षा स्टार्टअप ने दावा किया है कि उसने AI मॉडल की मदद से Apple की नई M5 चिप में मौजूद सुरक्षा तंत्र को बायपास करने वाला एक्सप्लॉइट तैयार कर लिया।

क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, साइबर सुरक्षा स्टार्टअप Calif के शोधकर्ताओं ने Anthropic के Claude Mythos Preview AI मॉडल का उपयोग किया। टीम का दावा है कि उसने Apple की M5 चिप पर मौजूद Memory Integrity Enforcement (MIE) सुरक्षा तकनीक को पार करने वाला एक कार्यशील macOS एक्सप्लॉइट एक सप्ताह से भी कम समय में विकसित कर लिया।
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MIE को Apple ने मेमोरी-आधारित हमलों को रोकने के लिए डिजाइन किया था। यह तकनीक हार्डवेयर स्तर पर सुरक्षा प्रदान करती है और आधुनिक साइबर हमलों को कठिन बनाने का उद्देश्य रखती है।
AI ने कैसे निभाई भूमिका?
शोधकर्ताओं के अनुसार, AI मॉडल ने संभावित कमजोरियों की पहचान करने और एक्सप्लॉइट डेवलपमेंट की प्रक्रिया को तेज करने में मदद की। हालांकि टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम एक्सप्लॉइट तैयार करने में मानव विशेषज्ञों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। AI ने दिशा दिखाई, लेकिन सुरक्षा बाधाओं को पार करने के लिए अनुभवी शोधकर्ताओं की विशेषज्ञता आवश्यक थी।
क्या Apple उपयोगकर्ताओं को चिंता करनी चाहिए?
फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला स्थानीय स्तर पर शुरू होता है, यानी हमलावर को पहले से सिस्टम तक कुछ पहुंच हासिल करनी होगी। इसके अलावा Calif ने अपने निष्कर्ष Apple के साथ साझा कर दिए हैं और कंपनी कथित तौर पर मामले की समीक्षा कर रही है।
AI और साइबर सुरक्षा का नया दौर
यह घटना दिखाती है कि AI अब केवल उत्पादकता बढ़ाने का उपकरण नहीं रह गया है। यह साइबर सुरक्षा रिसर्च को भी तेज कर सकता है। जहां सुरक्षा विशेषज्ञ AI का उपयोग कमजोरियां खोजने और उन्हें ठीक करने के लिए कर सकते हैं, वहीं भविष्य में साइबर अपराधी भी ऐसी तकनीकों का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं।