वर्ष 2024 के दौरान हर तीन में से एक भारतीय हुआ साइबर अटैक का शिकार

वर्ष 2024 के दौरान हर तीन में से एक भारतीय हुआ साइबर अटैक का शिकार

वर्ष 2024 के दौरान हर तीन में से एक भारतीय हुआ साइबर अटैक का शिकार: वेब ब्राउज़र अटैक खतरनाक प्रोग्राम फैलाने से सम्बन्धित रक मुख्य तरीका बना हुआ है।

वर्ष 2024 के दौरान हर तीन में से एक भारतीय हुआ साइबर अटैक का शिकार
वर्ष 2024 के दौरान हर तीन में से एक भारतीय हुआ साइबर अटैक का शिकार

रिपोर्ट के अनुसार, फाइललेस मैलवेयर सबसे खतरनाक श्रेणी का साइबरथ्रेट है क्योंकि इसे पहचानना और रोकना बहुत ही ज्यादा कठिन है। वर्ष 2024 के अंतर्गत रैंसमवेयर, फिशिंग और AI-बेस्ड खतरे बहुत ही ज्यादा बड़े बने रहे।

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वर्ष 2024 में लाखों भारतीय वेब-बेस्ड साइबरथ्रेट्स के कारण प्रभावित हुए। इंटरनेशनल साइबर सिक्योरिटी फर्म कैस्परस्काई के हालिया एनालिसिस के मुताबिक, वर्ष 2024 में हर तीन में से एक भारतीय इंटरनेट यूज़र डिजिटल साइबरअटैक का शिकार बना।

कंपनी द्वारा जनवरी और दिसंबर 2024 के बीच भारतीय यूज़र्स के डिवाइस पर 44,372,823 इंटरनेट-बोर्न साइबरथ्रेट्स की पहचान की गई थी।

कैस्परस्काई सिक्योरिटी नेटवर्क (KSN) एनालिसिस इस रिसर्च से जुड़ा आधार बना। पेपर के दावे के अनुसार 2024 से भारत का साइबर थ्रेट एनवायरनमेंट बेहतर हुआ है।

Kaspersky प्रोडक्ट्स द्वारा वर्ष 2023 में 62,574,546 ऑनलाइन थ्रेट की पहचान की गई; 2024 में, ये आंकड़ा 5% कम हो गया। हालांकि साइबरथ्रेट की संख्या कम हुई है, फिर भी वो बढ़ रहे हैं। KSN की रिसर्च से पता चलता है कि भारत के बेहतर साइबर थ्रेट लैंडस्केप के पीछे ज़्यादा जानकारी ही कारण है।

साइबर सिक्योरिटी टिप्स

बिना मंज़ूरी वाले सोर्स से डाउनलोड और इंस्टॉल किए गए एप्लिकेशन का कभी भी इस्तेमाल मत कीजिये।

अनजान सोर्स से लिंक या गड़बड़ दिखने वाले वेब ऐडस पर क्लिक करने से बचें।

हर समय टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग कीजिये।

पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल कीजिये और सुरक्षित पासवर्ड बनाएं।

अपडेट आने पर उन्हें तुरंत ही इंस्टॉल कीजिये।

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