• Home
  • Cybersecurity Tips
  • सीडॉट आईआईटी गांधीनगर मिलकर करेंगे स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीकॉम इनोवेशन
सीडॉट आईआईटी गांधीनगर मिलकर करेंगे स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीकॉम इनोवेशन

सीडॉट आईआईटी गांधीनगर मिलकर करेंगे स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीकॉम इनोवेशन

सीडॉट आईआईटी गांधीनगर मिलकर करेंगे स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीकॉम इनोवेशन

सीडॉट आईआईटी गांधीनगर मिलकर करेंगे स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीकॉम इनोवेशन : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, गांधीनगर (IIT-GN) और सेंटर फ़ॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलीमैटिक्स (C-DOT) द्वारा एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किया गया है।

सीडॉट आईआईटी गांधीनगर मिलकर करेंगे स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीकॉम इनोवेशन
सीडॉट आईआईटी गांधीनगर मिलकर करेंगे स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस टेलीकॉम इनोवेशन

इसका मकसद साइबर सिक्योरिटी और टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्रीज़ के अंतर्गत घरेलू सामानों की नई रिसर्च, डेवलपमेंट और प्रोडक्शन को सपोर्ट करने हेतु एक सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (CoE) बनाना है।

Related Posts: तेजस्वी मनोज बनी शील्ड सीनियर्स टाइम किड ऑफ द ईयर 2025

C-DOT के अनुभव को जानी-मानी यूनिवर्सिटीज़ की इंटेलेक्चुअल काबिलियत संग मिलाकर, C-DOT का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस प्रोजेक्ट टेलीकम्युनिकेशन और टेक्नोलॉजी के अंतर्गत भारत की लीडरशिप को आगे बढ़ाना चाहता है।

C-DOT के CEO डॉ. राजकुमार उपाध्याय के अनुसार सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस को बनाने से जुड़ा मकसद C-DOT और IIT गांधीनगर के रिसोर्स और टैलेंट को मिलाकर एक डायनामिक और मिलकर काम करने वाला माहौल बनाने का है।

उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” और “विकास भारत” से जुड़े लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए, ऐसी पहल अगली पीढ़ी की टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को डेवलप करने, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के विकास को बढ़ावा देने और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन में ग्लोबल लीडर के तौर पर भारत की स्थिति को मज़बूत करने हेतु आवश्यक हैं।

इस सेंटर का सम्बन्धित लक्ष्य IIT गांधीनगर के स्टूडेंट, प्रोफेसर, एकेडमिक्स और C-DOT के रिसर्चर्स के बीच टेलीकम्युनिकेशन और इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT) के क्षेत्र में सहयोग को आसान बनाना होंगा।

कुल मिलाकर, खास और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग करके, सेंटर से जुड़ा कार्य रिसर्च को बढ़ाना है और ICT और टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर और उनसे जुड़े एप्लीकेशन के अंतर्गत समस्याओं/यूज़-केस के काम करने लायक जवाबों की पहचान करना है।

Related Posts

SEBI ने AI आधारित साइबर खतरों की जांच के लिए बनाई नई टास्क फोर्स

SEBI ने AI आधारित साइबर खतरों की जांच के लिए बनाई नई टास्क फोर्स भारत के पूंजी बाजार…

ByByDhruv Aarya Jun 4, 2026

Google Chrome यूजर्स के लिए बड़ा अलर्ट: CERT-In ने जारी की गंभीर सुरक्षा चेतावनी, तुरंत करें अपडेट

Google Chrome यूजर्स के लिए बड़ा अलर्ट: CERT-In ने जारी की गंभीर सुरक्षा चेतावनी, तुरंत करें अपडेट भारत…

ByByDhruv Aarya Jun 4, 2026

भारत सरकार का फ्री साइबर सिक्योरिटी कोर्स: 2.5 घंटे में सीखें ऑनलाइन सुरक्षा के जरूरी टिप्स, मिलेगा सर्टिफिकेट

भारत सरकार का फ्री साइबर सिक्योरिटी कोर्स: 2.5 घंटे में सीखें ऑनलाइन सुरक्षा के जरूरी टिप्स, मिलेगा सर्टिफिकेट…

ByByDhruv Aarya Jun 4, 2026

AI की मदद से Apple M5 चिप की सुरक्षा में सेंध? साइबर सुरक्षा जगत में बढ़ी चिंता

AI की मदद से Apple M5 चिप की सुरक्षा में सेंध? साइबर सुरक्षा जगत में बढ़ी चिंता Apple…

ByByDhruv Aarya Jun 4, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top