भारतीय यूनिवर्सिटीज़ पर हर हफ़्ते हुए साइबर अटैक, लाखो स्टूडेंट का डेटा हुआ लीक

भारतीय यूनिवर्सिटीज़ पर हर हफ़्ते हुए साइबर अटैक, लाखो स्टूडेंट का डेटा हुआ लीक

भारतीय यूनिवर्सिटीज़ पर हर हफ़्ते हुए साइबर अटैक, लाखो स्टूडेंट का डेटा हुआ लीक: एक पायलट रिसर्च के अनुसार, मात्र नौ महीनों के दौरान, भारतीय एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के अंतर्गत लगभग 4 लाख डेटा ब्रीच और 2 लाख से अधिक साइबर अटैक हुए।

भारतीय यूनिवर्सिटीज़ पर हर हफ़्ते हुए साइबर अटैक, लाखो स्टूडेंट का डेटा हुआ लीक
भारतीय यूनिवर्सिटीज़ पर हर हफ़्ते हुए साइबर अटैक, लाखो स्टूडेंट का डेटा हुआ लीक

ये स्टडी, “एक्सप्लोरिंग साइबर थ्रेट्स एंड डिजिटल रिस्क टू इंडियन एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स,” साइबरपीस फ़ाउंडेशन के फ़्लैगशिप ई-कवच इनिशिएटिव के हिस्से के तौर पर DELNET, रीसिक्योरिटी और ऑटोबॉट इंफ़ोसेक संग पार्टनरशिप में की गई थी।

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इसे “साइबर फ़र्स्ट रिस्पॉन्डर” कैंपेन से जुडी शुरुआत के साथ पब्लिक किया गया, जिसका लक्ष्य स्टाफ़, इंस्ट्रक्टर, लाइब्रेरियन और स्टूडेंट्स को डीपफ़ेक, साइबरथ्रेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सम्बन्धित गलत इस्तेमाल से निपटने हेतु ज़रूरी टूल्स देना है।

जुलाई 2023 -अप्रैल 2024 तक नौ महीने तक चली जांच के अंतर्गत पता चला कि 54,000 यूनिक पासवर्ड और 8,000 से ज़्यादा यूनिक यूज़रनेम का उपयोग ब्रूट-फ़ोर्स अटैक में किया जा रहा था। “123456” और “password” जैसे कमज़ोर पासवर्ड रेगुलर आज़माए जाते थे, और “root” और “admin” जैसे यूज़रनेम को रेगुलर टारगेट किया जाता था।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी-दिल्ली के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) जी एस बाजपेयी के अनुसार डिजिटल ज़माने में मज़बूती का मतलब होता है सिस्टम को किसी भी परेशानी के हिसाब से ढालना।

DELNET की डायरेक्टर डॉ. संगीता कौल द्वारा साइबर फर्स्ट रिस्पॉन्डर से जुडी कोशिश को “बदलाव पर सिर्फ़ रिएक्ट करने के बजाय उसे आकार देने का कमिटमेंट” बताया, जबकि साइबरपीस फ़ाउंडेशन के फ़ाउंडर और ग्लोबल प्रेसिडेंट विनीत कुमार द्वारा इस रिपोर्ट को एकेडमिक इंस्टीट्यूशन हेतु “वेक-अप कॉल” बताया गया।

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